Friday, 25 August 2017

SUCCESS STORY 7

आज  rpsc meme की blog post में RAS 2013 में 124वी वरीयता प्राप्त धन्ना राम चौधरी जी की success story जिन्होंने धैर्य से इस संघर्ष में बिना विचलित हुए  सफलता प्राप्त की।


परिचय



नाम- धन्ना राम चौधरी
RAS 2013 में 124 वी रैंक (RPS)
उम्र    -     36
RAS परीक्षा में प्रयास -5
    1.RAS 2007 - साक्षात्कार
    2. RAS 2008 - साक्षात्कार(385rank)
    3.RAS 2010- 350 rank - JCTO
    4.RAS 2012 - साक्षात्कार
    5.RAS 2013- 124 rank((RPS)
परीक्षा का माध्यम -  हिन्दी
मूल निवासी         - होडू
                        तहसील- सिणधरी  ,जिला- बाड़मेर
कार्य अनुभव  -  
                       (01)  अध्यापक( ग्रेड 3)- 7वर्ष
                       (02)    J.C.T.O.-5 वर्ष
शैक्षणिक योग्यता-
                1.  कक्षा-10th - 76.54%
                 2.कक्षा-12th -  70.76%(History,economics,political science)
                3. स्नातक-    B.A.  -60.61%(English literature, economics,Sanskrit)

                 4.   स्नात्कोत्तर-M.A.(history) ,M.A.(English), M.A.(Sanskrit)


               5.  NET-& SET (history)

              6. SET (sanskrit)
  
कोचिंग   - only self study(कोचिंग विरोधी)
Hobby-camel riding
            - विद्यार्थियों एवं प्रतियोगियों को मार्गदर्शन देना
अन्य चयन-1. तृतीय श्रेणी अध्यापक -52 rank
               2. वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत-22 rank
               3. वरिष्ठ अध्यापक अंग्रेजी- 400 rank
               4. प्रधानाध्यापक-  18 rank




Q.1-अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइये ,आपने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का निर्णय कब और क्यों लिया ?

ans.- मैं साधारण कृषक (बरसाती खेती) परिवार से हूँ। मेरे पिताजी मजदूर व किसान है, माताजी व अर्धांगिनी  गृहणी है। एक पुत्र और पुत्री अध्यनरत है और दादी जी अनुभव व सम्बल का आधार है।
    मुझे आजीविका व पसंद का जॉब अध्यापन का आधार मिल गया और इसके बाद कुछ प्रतियोगियों को देखकर, व मित्रों की सलाह ले ,उनके साथ ही 2007 की प्रेस विज्ञप्ति से पहले इसके लिए तैयार था ,सम्मिलित हुआ व साक्षात्कार दिया।

Q.2-अपने जीवन में संघर्ष के निर्णायक मोड़ के बारे में बताइये?

ans.- 2005 में अध्यापक पद पर चयन के पश्चात में प्रशासनिक सेवाओं की ओर मुड़ा व 2007 में RAS परीक्षा के साथ ही  2008 में I.C.S प्री उत्तीर्ण करने के बाद 2008 से 2015 तक लगातार आठ मुख्य परीक्षा (I.C.S) व 2011, 2012 एवं 2015 में साक्षात्कार दिया ,लेकिन सफलता उधर ना होकर 2010 RAS में Jcto पद पर मिली।

Q.3-अंतिम लक्ष्य प्राप्ति तक कैसे आप कैसे उतार- चढ़ावों से विचलित   हुए बिना निरंतर ऊर्जावान बने रहे?

ans.-अध्ययन  के दौरान समय-समय पर पाठ्यक्रम व पैटर्न  में परिवर्तन से कुछ दुविधा तो हुई ,लेकिन गीता के निष्काम कर्म के आधार पर कर्म पर ही ध्यान दिया, फल को कर्म  में ही निश्चित मानकर आगे बढ़ता रहा ,मित्र मंडली में से ही चयनितों  के कारण उत्साह व उनका सहयोग भी मिलता रहा।


Q.4- RAS प्रारम्भिक परीक्षा की रणनीति के बारे में विस्तार से बताइये?

ans.- आर ए एस प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी हेतु खुद को इस हेतु तैयार करना होगा कि" मैं इसे समर्पित होकर करुंगा।"
* इसके बाद पाठ्यक्रम में क्या क्या विषय वस्तु है, उसकी जानकारी रखें, व इसका प्रिंट टेबल पर रखें।
* खुद के कमजोर और मजबूत पक्ष को पहचाने।
* प्रारंभिक परीक्षा के पुराने प्रश्न पत्रों के प्रश्नों को पाठ्यक्रम आधार पर विश्लेषण करें।
* प्रारंभिक परीक्षा हेतु अधिक से अधिक अध्ययन व self mock टेस्ट से अभ्यास करें।

Q.5- RAS मुख्य परीक्षा की तैयारी की रणनीति के बारे में विस्तार से   बताइए?

ans.- हालांकि मुझे RAS मुख्य परीक्षा 2013 हेतु ICS 2013, ICS 2014, ICS 2015 एवं मार्च 2016 में साक्षात्कार (ICS का last chance होने) के कारण मै ना पाठ्यक्रम देख पाया एवं न ही रणनीति बना पाया, लेकिन अनुभव व पूर्व ज्ञान के आधार पर सहज भाव से  परीक्षा में सम्मिलित हुआ एवं मानविकी के बावजूद गणित मेरा मजबूत पक्ष होने से मैं सफल हो गया ।
 *2016 मैं पाठ्यक्रम व पैटर्न परिवर्तन से पाठ्यक्रम के प्रत्येक बिन्दु को महत्वपूर्ण मानकर दोस्तों से चर्चा व लेखन अभ्यास से मजबूत बनाएं।
* प्रश्न की मांग के अनुसार ही उत्तर देवें। ना कि अपना ज्ञान परोसें । भले ही कम शब्दों में हो । *प्रश्न पत्र 2nd व 4th में समय प्रबंधन का ध्यान अति महत्वपूर्ण है। हिंदी व अंग्रेजी व्याकरण के पाठ्यक्रम बिंदुओं को रट लें।
*समय कम होने पर एक अच्छे उत्तर की अपेक्षा 2 प्रश्नों का सामान्य उत्तर अधिक अंक दायक है। कहीं-कहीं बिंदुओं में उत्तर व डायग्राम समय की बचत करता है ।
*आशाजनक व सकारात्मक अंत हो।


Q.6-आपने साक्षात्कार हेतु तैयारी कैसे की?

ans.- साक्षात्कार हेतु मुझे पर्याप्त समय  मिलने के कारण, मेरे पूर्व के  साक्षात्कारों (RAS के 4 व ICS के 3) के प्रश्नों ,विषयों,मेरी कमजोरी व संभावित प्रश्नों का समाधान को तैयार किया ।*समसामयिक मुद्दों, बायोडाटा,job,DAF को दोस्तों के साथ तैयार किया।
* आर डी सैनी के बोर्ड में लगातार (2nd time)मेरा साक्षात्कार था, मैंने सहज और सरल भाव से विनम्रता से प्रश्नों का उत्तर दिया, प्रश्नों का स्तर उच्च एवं आशानुरूप होने से मै संतुष्ट था।



Q.7- अगर आपका चयन RAS में नहीं होता तो आप क्या करते,back up plan?

ans.- मैं पूर्व में ही अध्यापक तृतीय श्रेणी पद पर कार्यरत होने के साथ ही सेकंड ग्रेड (संस्कृत एवं english) व प्रधानाध्यापक में भी चयनित हो चुका था।

Q.8- RAS 2013 में आपके क्या अंक रहे ?

Ans.-     paper1-     88
              paper 2-     125
              paper3-       84
              paper4-       101
        written total-     398
           interview-        62
          total         -        460

Q.9- RAS की तैयारी में आपने किन मानक पुस्तकों का अध्ययन किया?

Ans.-(1) इतिहास-ncert ,spectrum व् किरण compitation
        (2) अर्थव्यवस्था-नाथुरामका,आर्थिक समीक्षा ,lal & lal
        (3) गणित- r s अग्रवाल ,मथुरिया
        (4) मानसिक योग्यता-unique गाइड
        (5) सामान्य विज्ञानं-9th to 12th selected topics physics ,chemistry,biology
        (6) भारतीय राजव्यवस्था- एम लक्ष्मीकांत tmh पब्लिकेशन
        (7)भूगोल- ncert व् महेश वर्णवाल
        (8) राजस्थान -लक्ष्य राजस्थान
        (9)समाजशास्त्र व् लोक प्रशासन-11th ,12th ,,RBD
        (10) नीतिशास्त्र- दृष्टि, व्यवहार- पी डी पाठक,rbd, विधि- नोट्स & bare act
         (11) व्यवसायिक प्रबंधन-11th ,12th,RBD
         (8)सामान्य हिंदी- राघव प्रकाश 
        (9) अंग्रेजी- B K rastogi,lucent
        (10) समसामयिकी- क्रॉनिकल ,दृष्टि, pd, मूमल, समाचार पत्र

Q .10- आपने अपने जीवन में संघर्ष व सफलता से क्या सीखा ?

ans.- इस संघर्ष में विभिन्न परीक्षाओं के दौरान सफल प्रशासनिक मित्रों से विस्तृत व व्यापक क्षेत्र में अनुभव एवं जानकारी मिली। ईमानदारी पूर्वक निष्काम कर्म भाव से सतत परिश्रम से सफलता अवश्य मिलती है।इसे जीवन के हर क्षेत्र में अपनाया जाना चाहिए ।
*कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता।
    एक कंकड़ तबियत से, उछालो तो यारो

Thursday, 10 August 2017

SUCCESS STORY 6


आज  rpsc meme की blog post में RAS 2013 में 47वी वरीयता प्राप्त मासिंगा राम जी की success story जिन्होंने धैर्य से इस संघर्ष में बिना विचलित हुए  सफलता प्राप्त की।



परिचय



नाम- मासिंगा राम जांगिड़
RAS 2013 में 47 वी रैंक
रोल नंबर-933323
उम्र    -     33
RAS परीक्षा में प्रयास -5
परीक्षा का माध्यम -  हिन्दी
मूल निवासी         - v/p देदूसर 
                        तहसील- चौहटन ,जिला- बाड़मेर
कार्य अनुभव  -  (01) पटवारी -1 वर्ष
                       (02) वरिष्ठ अध्यापक( अंग्रेजी)-4.5वर्ष
                       (03) राजस्थान तहसीलदार सेवा-1.5 वर्ष
शैक्षणिक योग्यता-
                1.  कक्षा-10th - 82.33%(श्री न्यू बाल विद्या भवन माध्यमिक विद्यालय जोधपुर)
                 2.कक्षा-12th - 64.15%(PCM) (सरदार उच्च माध्यमिक विद्यालय जोधपुर)
                3. स्नातक-    B.A.  -60.55% जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर
                 4.   स्नात्कोत्तर-M.A.(history) -56%
               5.  NET-jrf
              6. SET
  
कोचिंग   -  self study.,उत्कर्ष में 3 mock interview
hobby - कोई विशेष नहीं ,पसंदीदा गाने व गज़लें सुनना

     

Q.1-अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइये ,आपने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का निर्णय कब और क्यों लिया ?

ans.- मैं साधारण निम्न मध्यम वर्गीय ग्रामीण परिवार से हूं मेरे पिताजी वुडन हैंडीक्राफ्ट का काम करते हैं ।परिवार में माताजी ,भाई बहन ,धर्मपत्नी, एक बेटा और एक बेटी है ।मेरी धर्मपत्नी  गृहणी है ।
प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हुई ।पढ़ाई में शुरू से ही कक्षा में अव्वल था, परंतु कुछ परिस्थितियों ने बाल मन पर ऐसा विपरीत प्रभाव डाला कि मैंने कक्षा पांच के बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी ।माता पिता और गुरुजनों के बार बार समझाने पर अगले वर्ष  पुनः पांचवी कक्षा में प्रवेश लिया परंतु तब तक में पढ़ाई का 1 साल गंवा चुका था। मेरे सहपाठी मुझसे एक कक्षा आगे हो चुके थे। गांव में आठवीं तक का विद्यालय ही था , इसलिए पिता जी मुझे अपने साथ जोधपुर ले गए, जहां मैंने आगे की पढ़ाई की मेरे पिताजी सिर्फ पांचवी कक्षा उत्तीर्ण हैं लेकिन उन्होंने मुझे पढ़ाने के लिए बहुत संघर्ष किया। इंजीनियर बनने का सपना लिए मैंने 12वीं कक्षा साइंस मैथ्स से उत्तीर्ण की लेकिन हालात को कुछ और मंजूर था ।प्रतिकूल आर्थिक परिस्थितियों के कारण मैं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने के बावजूद इंजीनियरिंग की पढ़ाई नहीं कर सका ।मैंने विज्ञान की राह छोड़ कर B. A.करने का निश्चय किया, फिर बीएड की B.Ed के दौरान ही मैंने पहली बार तृतीय श्रेणी अध्यापक की भर्ती परीक्षा की तैयारी की और मैं चयनित हो गया परंतु हालात ने फिर से बेवफाई की और मुझे अध्यापक पद पर नियुक्ति नहीं मिली क्योंकि B.Ed का रिजल्ट आने में देरी हो गई।
        इससे मैं निराश हुआ परंतु सफलता की मृग मरीचिका ने मेरी प्यास को बढ़ा दिया था और मुझ जैसे आत्मविश्वास विहीन और अंतर्मुखी छात्र में कुछ आत्मविश्वास का संचार किया । B.Ed करने के बाद मैंने प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाया, ट्यूशन पढ़ाया, लेकिन मार्गदर्शन की कमी के कारण मैं समझ नहीं पा रहा था ,मैं क्या करूं, किस परीक्षा की तैयारी करो कैसे करूं उसी दौरान 2007 में आर ए एस परीक्षा के आवेदन भरे जा रहे थे। कुछ मित्रों ने आवेदन भरा तो मैंने भी भर दिया तब तक मुझे नहीं पता था कि आर एस परीक्षा क्या होती है और क्या पढ़ना होता है ,मैं प्रारंभिक परीक्षा में असफल रहा परंतु इससे असफलता ने आत्म चिंतन का अवसर दिया।


Q.2-अपने जीवन में संघर्ष के निर्णायक मोड़ के बारे में बताइये?

ans.- 2007 की RAS परीक्षा में असफलता से पूर्व भी कई परीक्षाओं में असफल रहा जैसे नेवी ,कांस्टेबल ,SSC, बैंक आदि ।निरंतर असफलताओं ने मुझे हताश कर दिया था। लोगों के सवाल अब चुभने लगे थे । हैरान परेशान सा मै एक अदद  नौकरी की तलाश में बार-बार परीक्षाएं देता जा रहा था और हर बार नियति मुझसे मेरे धैर्य की परीक्षा लेती रही ।मैं कई परीक्षाओं में एक या दो अंको से असफल हुआ। इन असफलताओं ने मुझे यह ज्ञात करा दिया कि कहीं ना कहीं प्रयत्न में कमी है और सही दिशा में तैयारी नहीं है।
 मैंने प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना बंद कर दिया और RAS 2008 की तैयारी में लग गया, इस बार समर्पित पूरी तरह से था परंतु मुख्य परीक्षा के लिए मार्गदर्शन नहीं मिलने से मुख्य परीक्षा में असफल रहा। 2009 में मेरा चयन पटवारी भर्ती परीक्षा में हुआ ,मैंने 2010 में पटवारी प्रशिक्षण के साथ RAS परीक्षा 2010 तथा वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा की तैयारी की ।इस बार भी मुख्य परीक्षा में असफल रहा ।पटवारी पद पर नियुक्त होने के 6 माह बाद मेरा वरिष्ठ अध्यापक अंग्रेजी पद पर चयन हो गया ।इस दौरान सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा 2011 में चयन हो गया ,अब मैंने अध्यापन के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा  एवं ras परीक्षा 2012 की तैयारी की  इस बार खुद के लिए ras परीक्षा को चुनौती मानकर अपनी संपूर्ण ऊर्जा लगा दी और इससे लक्ष्य बनाकर पूरे मनोयोग से तैयारी की।


Q.3-अंतिम लक्ष्य प्राप्ति तक कैसे आप कैसे उतार- चढ़ावों से विचलित   हुए बिना निरंतर ऊर्जावान बने रहे?

ans.- RAS 2012 की भर्ती काफी विलंबकारी थी ,इसलिए घर से दूर रहकर नौकरी करना, तैयारी करना और पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चुनौतीपूर्ण था ।परंतु अब मैंने दो चीजों पर यकीन रखना सीख लिया था खुद पर और खुदा पर ।इससे मुझे सकारात्मक ऊर्जा और आंतरिक प्रेरणा मिलती रही। साथ ही अब वैसे दोस्त भी थे जिन्होंने ना केवल हौसला बढ़ाया बल्कि कठिन समय में हर संभव मदद की ।कई बार धैर्य टूटने लगता था और हौसला कमजोर पड़ने लगता था तो खुद से ही बात करके आत्म प्रेरित करता था। जिस तरह हर अंधेरी रात के बाद एक सवेरा होता है उसी तरह का सवेरा RAS 2012 का परिणाम लाया और मैं 168 वी रैंक पर चयनित हुआ, मुझे राजस्थान तहसीलदार सेवा मिली।
 मेरी यह सफलता इस मायने में मेरे लिए बड़ी थी कि मेरे परिवार और रिश्तेदारों में आज तक कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं बन सका था।आरटीएस प्रशिक्षण के साथ-साथ RAS 2013 की भी तैयारी की और 5 दिसंबर 2016 की रात को जब मैं छठी बार सिविल सेवा मुख्य परीक्षा देने जयपुर गया हुआ था मेरे मित्र ने मुझे जानकारी दी कि मैं 47 वीं रैंक पर चयनित हुआ हूं तो एक बार विश्वास ही नहीं हुआ।


Q.4- RAS प्रारम्भिक परीक्षा की रणनीति के बारे में विस्तार से बताइये?

ans.- सिलेबस को देख कर उसके अनुसार आधारभूत पुस्तकों का गहनता से अध्ययन करें। कम किताबें पढ़ें परंतु बार-बार पढ़ें ।राजस्थान सामान्य अध्यन और समसामयिकी पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, पुराने प्रश्न पत्रों को देखे ,मॉडल पेपर हल करें।


Q.5- RAS मुख्य परीक्षा की तैयारी की रणनीति के बारे में विस्तार से   बताइए?

ans.-मुख्य परीक्षा की तैयारी में पुस्तको या नोट्स के अध्यन के साथ-साथ उत्तर लेखन का अभ्यास जरूरी है, उत्तर कैसे ,शब्द सीमा में,समय सीमा में, प्रश्न की मांग के अनुसार कैसे लिखे जाए ।यह कला अभ्यास से ही सीखी जा सकती है।
 मुख्य परीक्षा में उन विषयों को अच्छी तरीके से तैयार करें जिन पर आप की पकड़ ठीक-ठाक है ।गणित हिंदी और अंग्रेजी की तैयारी अच्छी तरह से करें और लिख लिख कर करें क्योंकि इन में ही सर्वाधिक अंक प्राप्त करने की संभावना रहती है ।शेष विषयों को सिलेबस के अनुसार आधारभूत पुस्तकों से तैयार करें। संभव हो तो टेस्ट सीरीज के माध्यम से उत्तर लेखन में गुणात्मक सुधार लाने का प्रयास करें।

Q.6-आपने साक्षात्कार हेतु तैयारी कैसे की?

ans.- साक्षात्कार हेतु स्वयं की  शैक्षणिक योग्यता, वैकल्पिक विषय ,जॉब ,गृह जिला ,हॉबी ,समसामयिक मुद्दों पर प्रश्न व उनके उत्तर तैयार किए, ट्रेनिंग सेंटर पर दोस्तों के साथ मॉक इंटरव्यू किए, उत्कर्ष में तीन मॉक इंटरव्यू दिए।

Q.7- अगर आपका चयन RAS में नहीं होता तो आप क्या करते,back up plan?

ans.-
मैं पूर्व में ही आरटीएस पद पर चयनित हूँ, और इसी पद पर कार्य करते हुए पदोन्नति से RAS बन जाता।



Q.8- RAS 2013 में आपके क्या अंक रहे ?

Ans.-     paper1-     89
              paper 2-     122
              paper3-       87
              paper4-       110
        written total-     408
           interview-        66
          total         -        474

Q.9- RAS की तैयारी में आपने किन मानक पुस्तकों का अध्ययन किया?

Ans.-(1) राजस्थान अध्ययन- लक्ष्य
        (2) इतिहास -Ncert
        (3) विज्ञानं-विवास पैनोरमा ,ncert
        (4) भारतीय राजव्यवस्था- एम लक्ष्मीकांत tmh पब्लिकेशन
        (5) भूगोल- महेश वर्णवाल,ncert 11 ,12
        (6) राजस्थान की अर्थव्यवस्था नाथूरामका
        (7) मानसिक योग्यता-r k झा
         (8)सामान्य हिंदी- राघव प्रकाश 
        (9) अंग्रेजी-B k रस्तोगी
        (10) maths-R.S.अग्रवाल,class 9,10 books

Q .10- आपने अपने जीवन में संघर्ष व सफलता से क्या सीखा ?

ans.- सफलता केवल हमारे स्वयं के प्रयत्नों से ही नहीं प्राप्त होती ,इसके पीछे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कई लोगों का योगदान होता है। और असफलता को एक सीख समझ कर स्वीकार करना चाहिए और अपना जोश ,जज्बा,  जुनून बनाए रख कर स्वयं को प्रेरित करते रहें । ईश्वर पर एवं स्वयं में अटूट विश्वास रखना चाहिए। सकारात्मक सोच रखते हुए अपने सपनों के पीछे दौड़ना चाहिए तभी वह एक दिन निश्चित रूप से सच होंगे ।सदैव यह पंक्तियाँ याद रखें-
  " वह पथ क्या, पथिक कुशलता क्या ?
   जिसमें बिखरे शूल ना हो,
   नाविक की धैर्य परीक्षा क्या?
   यदि धाराएं प्रतिकूल ना हो।



Monday, 7 August 2017

SUCCESS STORY 5

आज rpsc meme की blog post में RAS 2013 में 10वी वरीयता प्राप्त देवेन्द्र सिंह परमार  जी की success story जिन्होंने  प्रथम प्रयास में ras में सफलता प्राप्त की।


परिचय-

नाम  - देवेंद्र सिंह परमार
RAS 2013 में 10 वी रैंक पर चयनित। 
Roll no.-906555
उम्र    -  28 साल
RAS परीक्षा में प्रयास -1
परीक्षा का माध्यम -  हिन्दी
मूल निवासी         - v/p मोरीपुरा, बरौली
                        तहसील- सरमथुरा ,जिला-धौलपुर
कार्य अनुभव  -  (01) जावा प्रोग्रामर,पोलेरिस फाइनेंसियल टेक्नोलॉजी लिमिटेड, मुम्बई ---1.5 वर्ष 
                       (02) निरीक्षक, केन्द्रीय उत्पाद शुल्क,सीमा शुल्क एवं सेवाकर , नागपुर---1.5 वर्ष
शैक्षणिक योग्यता-
                  कक्षा-10th - 89.50%
              विद्यालय  - विवेक शिक्षण संस्थान , बाड़ी, धौलपुर
                  कक्षा-12th - 86.77%(PCM)
              विद्यालय-- रामानंद विद्या मन्दिर, अलवर
             स्नातक-    B. Tech (IT) -76.30%, MNIT Jaipur
  
कोचिंग  - RAS प्रारम्भिक और मुख्य परीक्षा की स्वयं घर पर ही । 2 मॉक इंटरव्यू निर्माण और 1 स्प्रिंगबोर्ड में।
hobby - ब्लॉग लिखना, स्विमिंग



Q.1-अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइये ,आपने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का निर्णय कब और क्यों लिया ?


ans.-   * मै साधारण मध्यम वर्गीय परिवार से हूँ। मेरे पिताजी सेवानिवृत प्रधानाध्यापक,माताजी गृहणी है, एक बड़ा भाई वरिष्ठ अध्यापक,एक BSNL में JTO, छोटी बहन कनिष्ठ लेखाकार है।
           कॉलेज के समय तक घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण नौकरी ही एकमात्र उद्देश्य था। कॉलेज से निकलने से पहले ही तीन MNC में जॉब लग गयी थी। प्राइवेट जॉब में आने के बाद लगा कि जिंदगी भर इस तरह की 
कंप्यूटर में हर रोज़ 10-12 घण्टे सर खपाने वाली नौकरी मैं नही कर पाऊंगा। कर भी लूंगा तो शायद अपने आप से जिंदगी भर असन्तुष्ट रहूंगा। सिविल सेवाओं की सामाजिक प्रतिष्ठा और जमीनी स्तर पर कार्य करने के अवसरों ने मुझे आकर्षित किया।
बड़े भाइयो की नौकरी लगने से घर की आर्थिक स्थिति भी थोड़ी सुधर गयी तो मैंने नौकरी छोड़कर सिविल सेवाओं की तैयारी का निर्णय किया। 
घर वालों ने थोड़ी ना नुकुर के बाद 2 वर्ष तैयारी का समय मुझे दे दिया । सिविल सेवाओं की अनिश्चितता और लगने वाले समय को
    देखकर मैंने एक वैकल्पिक रोजगार के लिए Bank PO , SSC CGL आदि के पेपर भी दे दिए। 




Q.2-अपने जीवन में संघर्ष के निर्णायक मोड़ के बारे में बताइये?


Ans- 12 वी तक विज्ञान विषयों में गहन रुचि फिर इंजिनीरिंग और जॉब के 
बाद 8 साल के अंतराल के बाद फिर से मानविकी विषयों का अध्ययन करना, जिन्हें 10 वीं के बाद कभी आंख उठाकर भी न देखने से एकदम भूल चुका था ।जब सिविल सेवा की तैयारी शुरू की तो लग गया कि ये राह इतनी आसान नहीं होगी। बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ेगी तभी सफलता मिल सकती है।
सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा से 5 माह पहले एकदम स्क्रैच से तैयारी आरम्भ की थी । अत्यधिक मेहनत और रणनीति से तैयारी करने पर 5 माह में ही मुख्य परीक्षा लिखने का मौका मिला तो खुद में भरोसा जगा की मैं कर सकता हूँ। लेकिन 2 बार upsc मुख्य परीक्षा में शामिल होकर भी सफलता नही मिल सकी
 तो अत्यधिक निराश हो गया था। अपने प्राइवेट नौकरी छोड़ने के निर्णय और बाकी दोस्तों के उस क्षेत्र में नित नए आयामों को छूने को देखकर खुद के निर्णय पर आशंका होने लगी थी।
इस बीच बैंक PO , CAG में Divisional Accountant, Central Excise में Inspector के पद पर सेलेक्शन हो जाने से वैकल्पिक रोजगार का अवसर तो मिल गया था
पर मेरी सिविल सेवा में जाने की इच्छा अधूरी सी ही लग रही थी। उसी समय RAS की प्रारंभिक परीक्षा में पास हो गया था तो मैंने इसको ही अपना अगला लक्ष्य बना लिया।




Q.3-अंतिम लक्ष्य प्राप्ति तक कैसे आप कैसे उतार- चढ़ावों से विचलित   हुए बिना निरंतर ऊर्जावान बने रहे?

Ans.-2013 में upsc Pre में हो गया था लेकिन राजस्थान की जानकरी ना होने से RAS 2013 की प्रारंभिक परीक्षा पास नही कर पाया था। उधर upsc मुख्य परीक्षा में भी 2 बार असफल होने से उम्मीद की किरण नजर नहीं आ रही थी। लेकिन उस समय RAS 2013 pre  निरस्त होने और फिर से परीक्षा होने की खबर 
मेरे लिए नई उम्मीद लेकर आई। मैंने इसी को अपना अगला लक्ष्य बना लिया। घर पर ही 1 महीने रणनीति पूर्ण तरीके से pre की तैयारी की और सफलता मिल गयी। फिर मुख्य परीक्षा के लिए भी घर पर खुद ही 4-5 महीने तैयारी की। इन 2-3 वर्षों में स्वास्थ्य पर बिल्कुल ध्यान न देने और घर मे कैद हो जाने से कई बीमारियां भी हो गयी थी। 
उनकी वजह से पढ़ाई पर बहुत बुरा असर हुआ। बहुत समय डॉक्टरो के चक्कर काटने में ही बर्बाद हो गया।
कई पेपर तो मैं सुबह शाम दवाई लेने के बाद ही दे पाया।  RAS की मुख्य परीक्षा देकर मैंने Central Excise में Inspector के पद पर नागपुर में जॉइन कर लिया। और साक्षात्कार की तैयारी वही रहकर अपने राजस्थान के कुछ दोस्तों के साथ की। 
उपलब्ध समय मे जयपुर आकर निर्माण और स्प्रिंगबोर्ड में मॉक इंटरव्यू दिए।अन्ततः 6 दिसम्बर की रात जब परिणाम देखा तो 10 मिनट तक 
भरोसा ही नही कर पाया। प्रथम प्रयास में इतनी अच्छी रैंक की उम्मीद मैंने कभी नही की थी।  वो 10 मिनट मेरी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल थे। मैं जैसे आकाश में उड़ रहा था। चम्बल के डांग क्षेत्र में पैदा हुआ एक शर्मीले स्वभाव का लड़का सिविल सेवा में जाने की अपनी तीव्र उत्कंठा, मेहनत के बल पर असफलताओं से लड़ते हुए अपने लक्ष्य तक पहुँच चुका था।
3-4 वर्ष पहले सिविल सेवा में आने की जो चिंगारी अपने अंदर लगाई थी उसकी आज़ पूर्णाहुति हो गयी थी।
इन उतार चढ़ावों के बीच यह संकल्प की मुझे 'यह हासिल करना है' , घोर निराशा में भी स्वयं को प्रेरित करना ओर सोचना 'मुझे यही करना है' , खुद में यह अटूट विश्वास कि 'मैं कर सकता हूँ ' और 'मैं इसी के लिए ही बना हूँ' , इन विचारों ने मुझे हर निराशा से निकलकर बिना थके, बिना रुके सदैव आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।



Q.4- RAS प्रारम्भिक परीक्षा की रणनीति के बारे में विस्तार से बताइये?


Ans.- *RAS प्रारम्भिक परीक्षा की तैयारी में सबसे पहले पुराने प्रश्न पत्रों का रणनीतिक अध्ययन ( अपना और प्रश्नपत्र का मजबूत और कमजोर पक्ष देखकर रणनीति बनाना ) ,पाठ्यक्रम हमेशा पास रहे (जिस क्षेत्र से अधिक प्रश्न आते हैं उन्हें पहले पूरा करना ..गौण भाग को बाद में), केवल चुनी हुई कुछ किताबों का ही बार-बार अध्ययन (यह चुनाव एक बार विस्तार में पढ़ लेने के बाद ही हो पाता है)
और समसामयिक मुद्दों का ज्ञान (रोजाना अख़बार पढ़ना, न्यूज़ सुनना ओर 1 अच्छी मासिक पत्रिका पढ़ना ), पुराने प्रश्नपत्र अधिक से अधिक हल करना , कुछ तथ्यात्मक ओर जरूरी जानकारी के शार्ट नोट्स बना लेना ।
आपकी नैया को अवश्य ही प्रारम्भिक परीक्षा के पार लगा देंगे। यह वैज्ञानिक तथ्य है कि हमे वही चीज़ पेपर में याद आती है जो कम से कम 3-4 बार पढ़ी हुई हों अतः आवश्यक है कि जो भी पढें अगर महत्वपूर्ण लगे तो उन्हें 2-3 बार रिवीज़न अवश्य करें। एक अन्य महत्वपूर्ण बात  यह है कि हम सभी मानव एक जैसे लगते हुए भी एक दूसरे से बहुत अलग हैं।सभी की क्षमताएं, कमजोरियाँ, प्रबल पक्ष अलग अलग होते हैं। 
अतः 'सुने सब की करे मन की' सिद्धान्त की पालना करनी चाहिए। 
किसी दूसरे की नांव में बैठकर आवश्यक नही कि आप अपनी मंजिल तक पहुच जाए। आप स्वयं अपने बारे में सबसे अधिक जानते हो अतः सभी से सलाह भले ले लें पर आपकी अपनी रणनीति ही आपकी नैया पार लगाएगी। 


Q.5- RAS मुख्य परीक्षा की तैयारी की रणनीति के बारे में विस्तार से   बताइए?
(यह रणनीति महावीर जोधा सर, 11th Rank की है। मेरी भी कमोवेश यही रणनीति रही है। अतः मैने इसमें बिना कोई परिवर्तन किए साभार यहाँ प्रस्तुत कर दिया है)


Ans- *मुख्य परीक्षा में सफलता का आधार श्रेष्ठ उत्तर लेखन शैली है। 1-2 वर्ष तक रणनीतिक पूर्ण अध्ययन करने वाले परीक्षार्थियों में ज्ञान व सूचनाओं का संकलन का स्तर कमोबेश एक सा रहता है। श्रेष्ठ उत्तर लेखन शैली विषय के सार को प्रश्न की मांग के अनुसार अपने शब्दों में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है ,जिसमें प्रवाह हो,आरंभ व अंत सारभूत व समीचीन हो और जो परीक्षक को सम्मोहित कर पूर्ण अंक प्रदान करने हेतु बाध्य कर दें।
          * मुख्य परीक्षा की तैयारी में विषयों की मानक पुस्तकों व् स्तरीय कोचिंग  संस्थाओं के नोट्स का अध्ययन कर विषय के प्रभाव क्षेत्र (Area of importance) एवं key words  पर अपनी पकड़ बनाकर विषय वार उनको लिखकर बार बार दोहराना चाहिए ।एक विषय के लिए एक दो मानक पुस्तक का ही प्रयोग करें अपने उत्तर के महत्वपूर्ण हिस्सा को उसी पेन से अंडरलाइन कर देवे।
           * मुख्य परीक्षा से पूर्व मानक टेस्ट सीरीज का प्रयोग कर समय प्रबंधन ,लेखन शैली एवं सामान्य त्रुटियों में आवश्यक सुधार किया जा सकता है।
          * मुख्य परीक्षा में समय प्रबंधन कर प्रश्नों के अंको के अनुपात में सभी को समय देवें।द्वितीय व चतुर्थ प्रश्न पत्र पर विशेष ध्यान देवें हिंदी व अंग्रेजी व्याकरण को मजबूत करें।
         * विभिन्न शब्द सीमा वह अंकों वाले प्रश्नों में रणनीति निम्नानुसार होनी चाहिए-
(01) 15 शब्दों/2 अंकों वाले प्रश्नों में -            4/5 मुख्य तथ्य या सारभूत बातें वाक्य निर्माण की आवश्यकता नहीं
 (02) 50 शब्दों/5 अंकों वाले प्रश्नों में-            प्रथम वाक्य उत्तर प्रस्तावना (सारभूत और प्रभावी),5/7पॉइंट बनाकर रचना अनुसार मुख्य  बातें लिखना। अंतिम वाक्य उत्तर- सार (सकारात्मक व समाधान मूलक)
(03) 100 शब्दों/10 अंकों वाले प्रश्नों में-       प्रथम दो पंक्तियां उत्तर प्रस्तावना( सारभूत प्रभावी)
                                                            मध्य भाग प्रश्न की माँग अनुसार पैराग्राफ ,अंतर बीच में लाइन खींच कर,               चित्र बनाकर समझाना, अंतिम दो पंक्तियाँ( आशावादी व समाधान मूलक)उत्तरों को वर्तमान प्रासंगिकता से जोड़ना।



Q.6-आपने साक्षात्कार हेतु तैयारी कैसे की?

Ans.-* आर ए एस साक्षात्कार की तैयारी वास्तव में 'खुद का खुद से साक्षात्कार' ही है। इसकी तैयारी के दो पक्ष हैं : प्रथम खुद को जानना ओर दूसरा खुद को दूसरों के सामने उसी रूप में प्रस्तुत करना। दोनो पक्ष आवश्यक हैं और साथ साथ चलते रहने चाहिए।
आप को सबसे बेहतर आप खुद ही जानते हैं अतः जगह जगह भागकर समय व्यर्थ न करके खुद को जानें ओर अपने आप को दूसरों के सामने उसी रूप में प्रस्तुत करने के लिए
अधिक से अधिक मॉक दें। मैंने मुख्य परीक्षा की तरह ही डायरी बनाकर कुछ बेसिक प्रश्नो और उनका उत्तर खोजने की कोशिश की ,उन्हें 1 जगह लिखा, स्नातक के विषयों का आधारभूत ऊपर ऊपर से अध्ययन और समसामयिक से उसका जुड़ाव, समसामयिक मुद्दों पर अपना मत बनाना, 
रुचि के विषयों ,जॉब के मेरे उत्तरदायित्व ,व्यक्तिगत विवरण , गृह जिले का इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था ,पर्यटन आदि का अध्ययन, हॉबी से संभावित प्रश्नों और उनके व्यवहारिक उत्तर तैयार किये।
नागपुर में रहने के कारण अपने गृह जिले और राज्य की खबरों से जुड़ाव के लिए Patrika / Bhaskar e-paper रोजाना पढ़ना। साक्षात्कार दिवस की मुख्य घटनाओं समाचारों के बारे में जाना तथा नागपुर में मेरे पांच से छह राजस्थान के साथियों का ग्रुप बनाकर तीन चार 
बार छद्म साक्षात्कार का अभ्यास किया। मोबाइल में रेकॉर्डिंग की ओर बार-बार विश्लेषण के साथ सुधार किया।
        *   RPSC चेयरमैन पवार सर के बोर्ड में मेरा साक्षात्कार था, मैंने निसंकोच, सहज रहकर ,प्रश्नों को धैर्य पूर्वक सुनकर आत्मविश्वास व विनम्रता के साथ उत्तर दिए। मैं अपनी अभिव्यक्ति और उत्तरों से संतुष्ट था।


Q.7- अगर आपका चयन RAS में नहीं होता तो आप क्या करते,back up plan?


Ans- मैं पूर्व में ही SSC CGL में Central Excise में Inspector के पद पर चयनित हूं l वो मेरा बैक अप प्लान ही था।



Q.8- RAS 2013 में आपके क्या अंक रहे 


Ans.-     paper1-     85
              paper 2-     138
              paper3-       95
              paper4-       103
        written total-     421
           interview-        71
          total         -        492



Q.9- RAS की तैयारी में आपने किन मानक पुस्तकों का अध्ययन किया?


Ans-     RAS में मैंने निम्न विषयों की मानक पुस्तकों का पाठ्यक्रम के अनुसार ही अध्ययन किया जो उपयोगी रही-
राजस्थान  का इतिहास,भूगोल,कला संस्कृति,राजव्यवस्था --- राजस्थान अध्ययन ( 9,10,11,12),  लक्ष्य , राजस्थान की एटलस
राजस्थान अर्थव्यवस्था - लक्ष्मीनारायण नाथुरामका, आर्थिक समीक्षा, सुजस
आधुनिक भारतीय इतिहास- स्पेक्ट्रम 
विश्व इतिहास--OLD NCERT (11,12)
भारत और विश्व का भूगोल - महेश वर्णवाल, 6-12 NCERT 
भारतीय राजनीतिक व्यवस्था - लक्ष्मीकांत 
भारतीय व विश्व अर्थव्यवस्था - रमेश सिंह , भारत का आर्थिक सर्वेक्षण
हिंदी- राघव प्रकाश
लोकप्रशासन , प्रबंधन, एथिक्स - राजस्थान बोर्ड की 11, 12 वीं की लोकप्रशासन; राजेन्द्र पेंसिया जी की लोकप्रशासन ओर एथिक्स की किताब
विज्ञान व प्रोधोगिकी--9,10 की बोर्ड की किताब ,कुछ अच्छी नई किताबें भीआई हैं ।
समसामयिकी - मूमल, दृष्टि मैगज़ीन,आल इंडिया रेडियो न्यूज़, डिबेट आदि।पीआईबी की साईट
कोचिंग मटेरियल के लिए - www.xaam.in / www.xaam.org पर भी देख सकते हैं।
  


Q .10- आपने अपने जीवन में संघर्ष व सफलता से क्या सीखा ?


Ans.- *अनेकों उतार चढ़ाव और संघर्षों के उपरांत मिली इस सफलता के बाद मैं थोड़ा दार्शनिक हो गया हूँ। मैंने जाना है कि 'हर मानव के भीतर असीम शक्ति है। '
आप जिस दिशा में उसे लगाते हो वैसे परिणाम हमे मिलने लग जाते हैं। हमारे विचारों में भी तीव्र आकर्षण की शक्ति होती है। जिस तरह के विचार हमारे मन मे चलते रहते हैं
उसी तरह की चीज़ें हमारी ओर आकर्षित होती जाती हैं( अगर किसी चीज़ को दिल से चाह लो तो सारी कायनात उसे हमसे मिलाने में लग जाती है ☺️☺️)। आप अपनी जिंदगी में मिली कुछ असफलताओं 
के बारे में ही हमेशा सोचते रहोगे तो सफलता मिलना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। असफलता से सीख लेकर, उन गलतियों को फिर 
ना दुहराकर मन मे दृढ़ संकल्प, अपने लक्ष्य को पाने की तीव्र ललक ओर पूरी लगन के साथ मेहनत (आज हमेशा बीते हुए कल से बेहतर करने की सोच ) आपको एक दिन अपनी मंजिल तक अवश्य पहुँचा देगी।
पहला सुख निरोगी काया का ध्यान रखें। तन-मन स्वस्थ होगा तो आप जल्दी सफलता तक पहुच जाओगे।योग व्यायाम आदि को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें।
मुझे ये पंक्तियां हमेशा से आकर्षित करती रही हैं--
"सोच को बदलो सितारे बदल जायेंगे,
नजर को बदलो नजारे बदल जायेंगे।
कश्तियां बदलने की जरूरत नहीं,
दिशाओं को बदलो, किनारे बदल जायेंगे।।"

अंत में मैं उन साथियों से भी कहना चाहूंगा जिनको किसी कारणवश वांछित सफलता नही मिली। वे अगले प्रयत्न इस प्रकार करें कि "leave no stone unturned". और एक बात याद रखें
की यह केवल एक परीक्षा है...जिंदगी नहीं।अतः वांछित सफलता न भी मिल पाए तो हताश निराश न हों, हो सकता है भगवान ने आपके लिए जिंदगी में इससे भी  बहुत अच्छा कुछ सोच रखा हो।
अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो..... जान थोड़ी है..
अगर ख़िलाफ़ हैं होने दो ............जान थोड़ी है।
ये सब धुआँ है कोई आसमान थोड़ी है।।.....राहत इंदौरी।

Saturday, 15 July 2017

SUCCESS STORY 4

आज rpsc meme की blog post में RAS 2013 में 12वी वरीयता प्राप्त shyama rathore जी की success story जिन्होंने  प्रथम प्रयास में ras में सफलता प्राप्त की।

Profile:

Name - Shyama rathore
Rank- 12(RAS 2013)
Roll no-917372
Age     -25
Attempt-1
Medium-English
Hometown-Kausar(hanumangarh)
Educational qualification:
 % in class 10-93.83%
% in class 12- 80%
% in B.tech.-  77%
Coaching: Foundation course from sprinboard academy jaipur


Q.1- Tell us something about yourself,your family ,when & why did you enter in this field of competitive examination?

Ans.-
I hail from Nawalgarh (jhunjhanu)where my family is settled and did my schooling from here .My father is a retired college lecturer and my mother is a home maker I have three elder sisters in my family with whom I share a strong bond. I completed my BTech from Government Engineering College Bikaner in 2012 and got placed in TCS but that was something I never wanted to be and so with immense support of my family, I decided to drop that and chase the DREAM I had always seen to be a Civil Servant and a proud daughter.

Q.2-Typical day in your study life ?

Ans.- Since I was from non Humanities background, I started my preparation by joining spring Board Academy which continued to be the essential part of my journey.
So my day usually consisted of attending classes ,revising notes ,referring to standard texts, reading the Hindu in the starting later on when classes were over I joined a library to maintain consistency and kept attending mock tests and  revision classes along with this I spend time for entertainment with family and maintained to have a proper sleep.

Q.3-People know what books and syllabus points are to be prepared. But most of them lack consistency in their preparation. So, how do you keep study momentum going on? How do you fight against the mood swings and distractions?

Ans.- Consistency is a must for this exam and seeing the nature of exam and the time consumed mood swings and destractions were very common I remember many times when I went hopeless and helpless but I am grateful to God for the family which always backed me & showed confidence in me(including my fiancee-digvijay singh).
Besides family Shri Dilip mahecha sir proved to be a Savior who always believed in my calibre and inspired to continue the struggle.
   Watching movies and spending time thinking as to why I took up this exam kept me going again.



Q.4- Tips for prelims?

Ans.- Prelims is a test of objectivity and can be cracked easily with proper coverage and understanding of syllabus.
* emphasising  on fundamental subjects, Rajasthan GK, current issues and economic survey *practicing last year solved paper provides a better Insight of one's preparation and is unavoidable.

Q.5- Tips for mains?

Ans.- Where prelims is a test of knowledge mains require knowledge along with better writing skills and presentation.
 *Regular writing practice and attending test series help acquire this skill as well as teaches time management when completing the paper is a challenge.
 *Along with that one has to identify his her strength in terms of paper 1, 2, 3  & 4
* strength needs to be exploited better to fetch excellent marks and weakness be removed to avoid any uncertainty.

Q.6- Format for answers- bullet or paragraph?

Ans.- I wrote mostly in Bullet format for 2 markers and 5 markers.
For long answer I wrote in paragraph and included Bullet points as and where needed.

Q.7-Did you follow the introduction,body ,conclusion format?

Ans.-Yes,i followed the introduction,body,conclusion format for long answers basically.

Q.8-Approach in exam.?

Ans.- My approach was to attempt questions that I knew followed by those about which I was not that sure and left those I was completely unaware of.
* I also plan to fetch good marks in 2nd and 4th paper (where I  partially succeeded).
* And to complete the paper timely.

Q.9-How did you prepare for RAS Interview ?

Ans.- For interview I attended some classes at my Institute where the basic do's and don'ts were taught.
I thoroughly prepared my biodata, locality, school college, B tech subjects ,current issues and the questions shared in Groups( those asked in ongoing interview then).
Mostly questions striked from the above ,I attended various mocks at my Institute for building up confidence which helped a great deal.

Q10.-If you were not selected, what was your career backup plan?

Ans.- I never thought of a backup plan, this was the exam I wanted to give my all and so would have continued till the last attempt .
Though I got selected as executive officer( dlb) a month before the result came.



Q.11- Marksheet of RAS 2013?

Ans.- GENERAL STUDIES PAPER 1--   98
         GENERAL STUDIES PAPER 2--   125
         GENERAL STUDIES PAPER 3--    85
         PAPER 4 ( language)                  --    109
          WRITTEN TOTAL                   --     417
         INTERVIEW                             --        74
          GRAND TOTAL                      --      491


Q.12- Books /notes & test series  for RAS exam prepration?

Ans.-1)History- springboard notes+olf ncert+ bipin chandra
2) economics- springboard notes+mrunal
3)geography-springboard notes+ ncert(11th,12th)
4)polity- m.laxmikant
5)Rajasthan gk-lakshay+springboard notes
6)current-chronology+moomal+news paper
7)Hindi-Raghav prakash
8)English-rastogi
9)paper 3- springboard notes
10)maths+reasoning-springboard question bank
*I attended test series at springboard academy.

Q.13-Through this struggle and success, what have your learned? What is the wisdom of life and competition? What is your message to the new aspirants?

Ans.- This journey is a lesson of life itself .It has molded me from a not so serious student to a better citizen ,made me away aware of my own strengths and weaknesses .I learnt that there is no greater virtue then hard work and persistence.
 For true aspirants I would first say that no one can beat you other than you yourself, so just keep faith in yourself ,give your honest hundred percent and nothing can fail you ."Everything in life has a beautiful ending if it is not beautiful it's not the ending".


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Friday, 7 July 2017

SUCCESS STORY 3

आज rpsc meme की blog post में RAS 2013 में 13वी वरीयता प्राप्त पुष्पा सिसोदिया जी की success story जिन्होंने गृहणी की जिम्मेदारी निभाते हुए ras में सफलता प्राप्त की। आपने उदहारण प्रस्तुत किया है कि संकल्प का कोई विकल्प नहीं होता,और It’s never too late to pursue your dream.

परिचय:-

नाम- पुष्पा कंवर सिसोदिया
RAS 2013 रैंक-13
रोल नंबर-932217
उम्र- 39 वर्ष
ras परीक्षा माध्यम-हिंदी
प्रयास-प्रथम
मूल निवासी-गाँव-देपुर,जिला-राजसमन्द
वर्तमान निवासी-जोधपुर
कार्य अनुभव-पब्लिक school में 12 वर्षों तक अध्यापन कार्य
शैक्षणिक योग्यता-
कक्षा 10th-72%
कक्षा 12th-64%
B.Sc.-   74%
M.Sc.-66%
भूपाल nobles कॉलेज (MLSU)उदयपुर
hobby- प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण ,बच्चों के साथ खेलना व उनके साथ अधिक से अधिक समय बिताना

Q.1-अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइये ,आपने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का निर्णय कब और क्यों लिया ?

Ans.- * मेरे पिताजी सेवानिवृत्त RPS वह माताजी गृहणी है मेरे पति निजी महाविद्यालय चलाने के साथ-साथ अध्यापन कार्य से जुड़े हुए हैं तथा दो पुत्र अध्यनरत हैं।
 * कॉलेज पढ़ाई के दौरान ही सन 2001 में मेरा विवाह होने व उसके पश्चात घरेलू व बच्चों की जिम्मेदारियों के चलते मैं कभी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाई लेकिन अपने सपनों को पूरा करने हेतु अंतत: 2013 में मैंने RAS परीक्षा तैयारी का संकल्प लिया ।एवं इस सत्य को आत्मसात किया कि" अभी नहीं तो कभी नहीं "इसे हेतु अपने परिवार को भी राजी किया।

Q.2-अपने जीवन में संघर्ष के निर्णायक मोड़ के बारे में बताइये?

Ans.- प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थानों में कार्य अनुभव के बावजूद मेरा जुनून लोक सेवाओं के प्रति ही था। 13 वर्ष पूर्व देखे गए सपने को पूरा करने की दिशा में है यह  स्वर्णिम कदम था तथा दृढ़ संकल्पित होकर जब आगे बढ़ी तो परिस्थितियां स्वतः ही अनुकूल होती गई ।जब एक महिला अपने कैरियर व् परिवार को साथ लेकर चलती है तो वह 24 घंटे के दिन में लगभग 48 घंटे जितना कार्य करती है, जिस की पहचान शायद ही कोई करता है अतः समय प्रबंधन मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती था लेकिन धीरे-धीरे परिवार व् बच्चों के सहयोग से यह कार्य भी आसान होता गया।

Q.3-अंतिम लक्ष्य प्राप्ति तक कैसे आप कैसे उतार- चढ़ावों से विचलित   हुए बिना निरंतर ऊर्जावान बने रहे?

Ans.- शादी के 13 वर्षों बाद परीक्षा की तैयारी का विचार स्वत: ही समय सीमा बांध देता है ।पारिवारिक व बच्चों की जिम्मेदारियों के साथ अधिक समय तक तैयारी को निरंतर जारी रखना मेरे लिए बहुत कठिन था अतः मुझे अपने प्रथम प्रयास को ही अंतिम प्रयास बनाना था और इसके लिए मैं दृढ़ संकल्पित थी इसी दृढ़ संकल्प ने मुझे अंतिम लक्ष्य प्राप्ति तक ऊर्जावान बनाए रखा।

Q.4- RAS प्रारम्भिक परीक्षा की रणनीति के बारे में विस्तार से बताइये?

Ans- प्रारंभिक परीक्षा हेतु तथ्यों की जानकारी से अधिक महत्वपूर्ण कंसेप्ट की समझ है जो मुख्य परीक्षा का आधार भी बनती है ।अत: सिलेबस के सभी विषयों के आधारभूत ज्ञान (fundamental knowledge)के अतिरिक्त समसामयिकी का दैनिक स्तर पर मैंने अध्ययन किया।

Q.5- RAS मुख्य परीक्षा की तैयारी की रणनीति के बारे में विस्तार से   बताइए?

Ans.- *मुख्य परीक्षा की तैयारी हेतु मैंने आधारभूत अवधारणाओं की समझ के अतिरिक्त उनके विश्लेषण पर अधिक जोर दिया। किसी भी विषय वस्तु पर आलोचना, समालोचना व अपने स्वयं के विचारों को संतुलित रुप से प्रकट करने का अभ्यास किया । समसामयिकी स्थानीय राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विषयों पर अपनी समझ विकसित की तथा इस हेतु राष्ट्रीय समाचार चैनल के कुछ कार्यक्रमों को नियमित रूप से देखा।
 * इसके अतिरिक्त बड़े प्रश्नों (200 words)के उत्तर प्रारूप का अभ्यास भी किया। उत्तर लेखन की दिशा में स्प्रिंग बोर्ड संस्थान द्वारा आयोजित टेस्ट सीरीज विशेष रुप से लाभदायक रही।

Q.6-आपने साक्षात्कार हेतु तैयारी कैसे की?

Ans.- साक्षात्कार की तैयारी हेतु मैंने कई मॉक साक्षात्कार दिए, उत्कर्ष संस्थान द्वारा आयोजित साक्षात्कार कार्यशाला विशेष रूप से लाभदायक रही ,जिसमें कई विशेषज्ञों द्वारा साक्षात्कार कौशल के बारे में जानकारी दी गई।
साक्षात्कार के लिए मैंने समसामयिक मुद्दों ,अपने व्यक्तिगत विवरण(daf), पूर्व कार्य अनुभव ,व hobby से संबंधित प्रश्नों की तैयारी की।
मेरा साक्षात्कार चेयरमैन श्री ललित पवार सर के बोर्ड में हुआ। मुझसे व्यक्तिगत विवरण के अतिरिक्त  छात्र राजनीति में मेरा अनुभव, महिला सशक्तिकरण शिक्षा क्षेत्र की कमियां व उपाय, पब्लिक व सरकारी विद्यालय के परिणामों में अंतर ,इसके कारण उपाय, situation based imaginry प्रश्न ,समसामयिकी व ओलंपिक खेलों से संबंधित प्रश्न पूछे गए।

Q.7- अगर आपका चयन RAS में नहीं होता तो आप क्या करते,back up plan?

Ans.- परीक्षा की तैयारी के प्रारंभ करते समय मैंने अपने लिए कोई बैकअप प्लान नहीं रखा क्योंकि प्रथम मैं बहुत ही सकारात्मक ऊर्जा के साथ बढ़ रही थी। द्वितीय यह है कि जहां विकल्प अधिक होते हैं, वहां कभी संकल्प नहीं बनते।अत: विफलता का विचार मस्तिष्क में दूर-दूर तक नहीं था।

Q.8-RAS 2013 में आपके क्या अंक रहे?

Ans.-Paper1- 108
        Paper2-   115
       Paper3-    88
      Paper4  - 101
 Written total-412
    Interview - 77
     Total     -  489

Q.9- RAS की तैयारी में आपने किन मानक पुस्तकों का अध्ययन किया?

Ans.-(1) कक्षा -9th से 12th - राजस्थान अध्ययन
        (2) कक्षा 9 से 12 एनसीईआरटी की पुस्तकें
        (3) भारतीय अर्थव्यवस्था रमेश सिंह tmh पब्लिकेशन
        (4) भारतीय राजव्यवस्था- एम लक्ष्मीकांत tmh पब्लिकेशन
        (5) राजस्थान का भूगोल एल आर भल्ला
        (6) राजस्थान की अर्थव्यवस्था नाथूरामका
        (7) प्रबंधन व नीतिशास्त्र- राजेंद्र पेंसिया 
         (8)सामान्य हिंदी- राघव प्रकाश 
        (9) अंग्रेजी- रस्तोगी
        (10) reasoning & maths-R.S.अग्रवाल
         * उत्कर्ष व स्प्रिंगबोर्ड संस्थान के नोट्स एवं योजना तथा दृष्टि

Q .10- आपने अपने जीवन में संघर्ष व सफलता से क्या सीखा ?

Ans.- अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर उसकी प्राप्ति की दिशा में दृढ़ संकल्पित होकर निरंतर बिना थके मेहनत करें । हर परिस्थिति में सकारात्मक सोच रखें, नकारात्मक विचार विचारों व नकारात्मक व्यक्तियों को अपने जीवन में कभी प्रवेश ना दें प्रतियोगी परीक्षा हो या जीवन अपने धैर्य व दृढ़ संकल्प शक्ति को सदैव जीवंत बनाए रखें।


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Tuesday, 20 June 2017

SUCCESS STORY 2

आज की rpsc meme की दूसरी ब्लॉग पोस्ट में हम लाये हैं महावीर सिंह जोधा की success story जो सतत संघर्ष और सफलता का एक बेहतरीन  उदाहरण है।महावीर सिंह जी की ras exam और जीवन के अनुभव साझा किया हुआ ये इंटरव्यू RAS aspirants के लिए इस मार्ग की यात्रा में प्रकाश स्तंभ का कार्य करेगा।

         परिचय-

नाम- महावीर सिंह जोधा
RAS 2013 में 11 वी रैंक
रोल नंबर-930738
उम्र    -     38
RAS परीक्षा में प्रयास -3
परीक्षा                         रैंक                     पद
RAS 2010                 483                   JCTO
RAS 2012                   76                    RTS
RAS  2013                   11                    RAS
परीक्षा का माध्यम -  हिन्दी
मूल निवासी         - v/p रणसीसर जोधा
                        तहसील- डीडवाना ,जिला-नागौर
कार्य अनुभव  -  (01) नर्सिंग सेवा -12 वर्ष
                       (02) वाणिज्य कर सेवा-4 वर्ष
                       (03) राजस्थान तहसीलदार सेवा-1 वर्ष
शैक्षणिक योग्यता-
                  कक्षा-10th - 76.40%
                  कक्षा-12th - 70.60%(PCMB)
              विद्यालय- जवाहर नवोदय विद्यालय , कुंचामन सिटी
             स्नातक-    B.A. स्वयंपाठी -47.67%,MDS university अजमेर
  
कोचिंग   - केवल self study
hobby -अध्यात्म,ध्यान योग 
               (अपने जीवन में परिवर्तन लाने के लिए ध्यान योग अपनाएं,) (सूत्र-en.heartfulness.org)

Q.1-अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइये ,आपने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का निर्णय कब और क्यों लिया ?

ans.-   * मै साधारण मध्यम वर्गीय परिवार से हूँ। मेरे पिताजी सेवानिवृत प्राध्यापक,माताजी व अर्धांगिनी (M.A.,B.ed.) गृहणी है,दो पुत्र अध्ययनरत है।
           * मुझे आजीविका के लिए नर्सिंग सेवा का आधार मिल गया था,मार्क्स के कथनानुसार "दुनिया के मजदूरों एक हो जाओ,तुम्हारे पास खोने को कुछ नहीं है" का अनुसरण कर मैने अपने आपको क्षमतानुसार आजमाने का दृढ संकल्प किया और प्रथम बार RAS 2010 में अपने मित्रों की प्रेरणा एवं सहयोग से शामिल हुआ और सफल रहा।

Q.2-अपने जीवन में संघर्ष के निर्णायक मोड़ के बारे में बताइये?

Ans- *विद्यालय अध्ययन के बाद चौराहे पर खड़ा में नर्सिंग सेवा के मार्ग पर चला गया,वहाँ मेरा बोद्धिक पक्ष मुझे कचोटने लगा। मै निशब्द,निराश ,निस्सार होकर अवसाद की गहराइयों में खो गया। वहाँ मेरे पास दो ही विकल्प शेष थे, या तो मै जीवन की अँधेरी काल कोठरी में हमेशा के लिए कैद होकर रह जाऊँ या संघर्ष कर स्वर्णिम उजाले का आलिंगन करूँ,मैने अपने आतंरिक स्व को उजागर कर संघर्ष रूपी श्रेष्ठता का मार्ग चुना और स्वयं को साबित किया।

Q.3-अंतिम लक्ष्य प्राप्ति तक कैसे आप कैसे उतार- चढ़ावों से विचलित   हुए बिना निरंतर ऊर्जावान बने रहे?

Ans.- अध्ययन के दौरान उतार चढाव एक कटु सत्य है,लेकिन यदि आपमे वह जज्बा,लगन,आग रूपी ईंधन है जो आपकी स्व प्रेरणा की मशाल को सदैव प्रज्जवलित रखे तो दुनिया में कोई ताकत नहीं जो आपको लक्ष्य से विचलित कर सके।

Q.4- RAS प्रारम्भिक परीक्षा की रणनीति के बारे में विस्तार से बताइये?

Ans.- *RAS प्रारम्भिक परीक्षा की तैयारी में पुराने प्रश्न पत्रों का   योजनाबद्ध अध्ययन करें ,पाठ्यक्रम का हमेशा अनुसरण करें ,प्रत्येक विषय वह बिंदु तक अपनी सामान्य समझ विकसित करें धैर्य बनाएं रखें क्योंकि सामान्य ज्ञान में अपेक्षित स्तर बनाने के लिए एक से डेढ़ वर्ष का समय लग जाता है।
         * नवीन तथ्यों व समसामयिकी बिंदुओं का स्मरण करें प्रतिदिन प्रेक्टिस पेपर की सहायता से अपना मूल्यांकन करते रहें ।RAS में 16 विषयों के समुच्चय में अपने प्रभाव क्षेत्रों में पकड़ कायम रखते हुए शेष सभी विषयों में अपनी सामान्यज्ञता विकसित करें परीक्षा में मेरे द्वारा प्रतिपादित rabbit, deer,wolf,tiger (RDWT) सिद्धांत का पालन करें।

Q.5- RAS मुख्य परीक्षा की तैयारी की रणनीति के बारे में विस्तार से   बताइए?

Ans- *RAS मुख्य परीक्षा का आधार /सार श्रेष्ठ उत्तर लेखन शैली है। गहन अध्ययन करने वाले परीक्षार्थियों में ज्ञान व सूचनाओं का संकलन का स्तर कमोबेश एक सा रहता है। श्रेष्ठ उत्तर लेखन शैली (कोयल शैली) विषय के सार को प्रश्न की मांग के अनुसार अपने शब्दों में प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है ,जिसमें प्रवाह हो,आरंभ व अंत सारभूत व समीचीन हो और जो परीक्षक को सम्मोहित कर पूर्ण अंक प्रदान करने हेतु बाध्य कर दें।
          * मुख्य परीक्षा की तैयारी में विषयों की मानक पुस्तकों व् स्तरीय कोचिंग  संस्थाओं के नोट्स का अध्ययन कर विषय के प्रभाव क्षेत्र (Area of importance)एवं key words  पर अपनी पकड़ बनाकर विषय वार उनको लिखकर बार बार दोहराना चाहिए ।एक विषय के लिए एक दो मानक पुस्तक का ही प्रयोग करें अपने उत्तर के महत्वपूर्ण हिस्सा को उसी पेन से अंडरलाइन कर देवे।
           * मुख्य परीक्षा से पूर्व मानक टेस्ट सीरीज का प्रयोग कर समय प्रबंधन ,लेखन शैली एवं सामान्य त्रुटियों में आवश्यक सुधार किया जा सकता है।
          * मुख्य परीक्षा में समय प्रबंधन कर प्रश्नों के अंको के अनुपात में सभी को समय देवें। RDWT सिद्धांत व उत्तर लेखन की कोयल शैली को अपनाएं ।द्वितीय व चतुर्थ प्रश्न पत्र पर विशेष ध्यान देवें हिंदी व अंग्रेजी व्याकरण को मजबूत करें।
         * विभिन्न शब्द सीमा वह अंकों वाले प्रश्नों में रणनीति निम्नानुसार होनी चाहिए-
(01) 15 शब्दों/2 अंकों वाले प्रश्नों में -            4/5 मुख्य तथ्य या सारभूत बातें वाक्य निर्माण की आवश्यकता नहीं
 (02) 50 शब्दों/5 अंकों वाले प्रश्नों में-            प्रथम वाक्य उत्तर प्रस्तावना (सारभूत और प्रभावी),5/7पॉइंट बनाकर रचना अनुसार मुख्य  बातें लिखना। अंतिम वाक्य उत्तर- सार (सकारात्मक व समाधान मूलक)
(03) 100 शब्दों/10 अंकों वाले प्रश्नों में-       प्रथम दो पंक्तियां उत्तर प्रस्तावना( सारभूत प्रभावी)
                                                            मध्य भाग प्रश्न की माँग अनुसार पैराग्राफ ,अंतर बीच में लाइन खींच कर,               चित्र बनाकर समझाना, अंतिम दो पंक्तियाँ( आशावादी व समाधान मूलक)उत्तरों को वर्तमान प्रासंगिकता से जोड़ना।

Q.6-आपने साक्षात्कार हेतु तैयारी कैसे की?

Ans.-* आर ए एस साक्षात्कार के लिए मैंने अपने स्नातक के विषयों, समसामयिक मुद्दों, रुचि के विषयों ,जॉब ,व्यक्तिगत विवरण ,हॉबी से संभावित प्रश्नों को तैयार किया ।साक्षात्कार दिवस की मुख्य घटनाओं समाचारों के बारे में जाना तथा साक्षात्कार की तैयारी करने वाले पांच से छह लोगों का ग्रुप बनाकर तीन चार बार छद्म साक्षात्कार का अभ्यास किया।
        *   RPSC चेयरमैन पवार सर के बोर्ड में मेरा साक्षात्कार था, मैंने सहज और सरल रहकर सत्य निष्ठा ,आत्मविश्वास व विनम्रता के साथ प्रश्नों के उत्तर दिए। मैं अपनी अभिव्यक्ति से संतुष्ट था।

Q.7- अगर आपका चयन RAS में नहीं होता तो आप क्या करते,back up plan?

Ans- मैं पूर्व में ही RAS 2012 में RTS के पद पर चयनित हूं ,RAS तो मैं पदोन्नति  से भी बन जाता लेकिन मुझे लगा कि मैं इससे ज्यादा भी कर सकता हूं मैंने 2013 में केवल एक पद RAS हेतु ही परीक्षा दी थी।

Q.8- RAS 2013 में आपके क्या अंक रहे ?

Ans.-     paper1-     108
              paper 2-     118
              paper3-       84
              paper4-       105
        written total-     415
           interview-        76
          total         -        491

Q.9- RAS की तैयारी में आपने किन मानक पुस्तकों का अध्ययन किया?

Ans-     RAS में मैंने निम्न विषयों की मानक पुस्तकों का पाठ्यक्रम के अनुसार ही अध्ययन किया जो उपयोगी रही-
 

Q .10- आपने अपने जीवन में संघर्ष व सफलता से क्या सीखा ?

Ans.- * संघर्ष के उपरांत मिली इस सफलता से मैंने जाना है कि "यदि मानव अपनी अनंत क्षमताओं को जानकर दृढ़ निश्चयी होकर निरंतर प्रयास करें तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।"
          * जीवन में आपको स्थितप्रज्ञ एवं सकारात्मक रहकर ,विषय वस्तु को उसी रूप में जानकर ,जैसी वह है के अनुसार ही अपना कार्य व निर्णय करना चाहिए भले ही वह जीवन का संघर्ष  हो या प्रतियोगिता परीक्षा का हो।
          * नये आशार्थियों को मेरा संदेश है कि अपने मैं यह भाव विकसित करने कि "मैं RAS बन सकता हूँ" तो आधा लक्ष्य तो उसी क्षण पूर्ण हो जाता है ,फिर बचा हुआ योजनाबद्ध ,निरंतर मेहनत से पूर्ण हो जाता है।

*    विस्तृत मार्गदर्शन एवं RDWT सिद्धांत व कोयल शैली के लिए YouTube पर निम्न link देखें
        Interaction with RAS Mahavir singh jodha
   

Monday, 12 June 2017

SUCCESS STORY 1

SUCCESS STORY 

आज RPSC  MEME की FIRST BLOG POST में RAS 2013 की RANK  3rd  देवयानी जी का interview  publish कर रहे है ,उम्मीद  है कि यह aspirants के लिए प्रेरणास्पद  होगा

profile--

         Name-           Devyani
Rank in ras 2013-   3
roll no.                -919373
age -                        -34
total attempt         -1
exam medium-Hindi
Home town    -Sikar
work experience-nil
% in class 10   - 84.92%
% in class 12- 82.47%
graduation- B.SC. (hons) 75%2005 banasthali vidyapith
post graduation-M.Sc.(biotech) 77%,2007 banasthali vidyapith
Hobby           - Cooking
Coaching  - Sprinboard academy jaipur

Q.1- Tell us something about yourself,your family ,when & why did you enter in this field of competitive examination?

I did my post graduation in2007 & got married the same year & moved to Bangalore as my husband was working there then.I went on to have a son & was busy raising him up.When he started going to school & i found myself with enough time to do something.RAS caught my attention as my brother was preparing for civil service exam then & my family and parents (both were in teaching) encouraged me to take up the challenge.

Q.2-Typical day in your study life ?

After clearing RAS pre ,I joined springboard academy for further prepration. & from there only i started preparing seriously.I completely relied upon the material provided to us there .I attended regular classes that helped building foundation of subjects &  notes helped me to revise topic effectively within short span.I took as many test as possible to keep the topics revised & updated.Along with this i used to read The hindu & one local newspaper daily.

Q.3-People know what books and syllabus points are to be prepared. But most of them lack consistency in their preparation. So, how do you keep study momentum going on? How do you fight against the mood swings and distractions?

FOR BOOKS-
 Since i read only laxmikant (polity) & rajasthan adhyayan apart from springboard notes, I personally felt no such problem,But for those who are preparing all by themselves , a good understanding of syllabus & practicing previous year question paper will do the thing.By going with the changing syllabus & pattern now in the RAS , i would like to advise the aspirants to go with the syllabus ,each & every topic mentioned in the syllabus should be covered to avoid uncertainty.
MOMENTUM ,MOOD SWINGS & CONSISTENCY-
Prepare a schedule & stick to it honestly ,for me to keep up the momentum ,make small targets like weekly or even daily & achieve them sincerely.Take frequent breaks & utilize them to rejuvenate,but i won't advise a break longer than 2 ,3 days at max while preparing for any competitive exam.

Q.4- Tips for prelims?

Basic concepts of history,polity,geography ,rajasthan gk,economy  & science ,practice maths and reasoning very well as it will help you in mains also &  keep your current knowledge updated.Take as many mock as possible because it is an art to attempt the paper after a certain point.

Q.5- Tips for language paper?

It is the most predictable paper among all 4.Just prepare grammar & practice writing essay ,precis,translation & comprehension.

Q.6- Format for answers- bullet or paragraph?

I wrote both depending upon nature of questions.

Q.7-Did you follow the introduction,body ,conclusion format?

No, only things i tried to care for while writing answer in mains were-The flow should not break,the answer should look homogeneous.It should be balanced yet dynamic & should convey your thoughts.

Q.8-Approach in exam.?

I tried to attempt all the questions but avoided attempting questions demanding clear facts in answers which i was clueless about.I attempted start to finish to avoid any chaos.

Q.9- Did you draw any diagram?

Yes, I  used diagram or flow chart or tables wherever possible & i believe it enhances the quality of your answers.

Q.10-How did you prepare for RAS Interview ?

I attended mock at springboard academy.
INterview was mainly based upon my DAF, graduation subjects,current affairs & hobbies.

Q.11- Marksheet of RAS 2013?

         GENERAL STUDIES PAPER 1--   105
         GENERAL STUDIES PAPER 2--   138
         GENERAL STUDIES PAPER 3--    94
         PAPER 4 ( language)                  --    114
          WRITTEN TOTAL                   --     451
         INTERVIEW                             --        54
          GRAND TOTAL                      --      505

Q.12-Through this struggle and success, what have your learned? What is the wisdom of life and competition? What is your message to the new aspirants?

I have learnt that it's never too late to start something new we just have to remove the mental block and push the boundries to come out of comfort zone.If we try something with all our focus & determination,there is no reason we can't achieve our goal.